मध्य प्रदेश

रियल एस्टेट कारोबारी से 20 लाख की मांग होटल में ढाई लाख लेते महिला गिरफ्तार हनी ट्रैप का आरोप

Kavita2
22 Sept 2026 4:31 PM IST
रियल एस्टेट कारोबारी से 20 लाख की मांग होटल में ढाई लाख लेते महिला गिरफ्तार हनी ट्रैप का आरोप
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जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में कथित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक रियल एस्टेट कारोबारी को गंभीर आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी देकर 20 लाख रुपये मांगने के आरोप में 28 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और महिला को एक होटल में 2.50 लाख रुपये की कथित पहली किस्त लेते समय पकड़ लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी महिला की पहचान उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली निवासी पूजा रैदास के रूप में हुई है। शिकायतकर्ता 34 वर्षीय सार्थक सिंह जबलपुर के ग्वारीघाट इलाके के रहने वाले हैं और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हैं।

सोशल मीडिया के जरिए हुआ था संपर्क


पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सार्थक सिंह और पूजा रैदास अक्टूबर 2025 में सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में आए थे। शुरुआती बातचीत के बाद दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी।

पुलिस अब दोनों के बीच हुई बातचीत और मुलाकातों से जुड़े घटनाक्रम की जांच कर रही है। मोबाइल फोन, सोशल मीडिया चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड भी जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ समय बाद महिला ने उनसे रुपये मांगने शुरू कर दिए और मांग पूरी नहीं होने पर गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी।

20 लाख रुपये मांगने का आरोप

कारोबारी ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि महिला उनसे कुल 20 लाख रुपये की मांग कर रही थी। पैसे नहीं देने पर कथित तौर पर गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही थी।

लगातार कथित दबाव और धमकियों से परेशान होकर कारोबारी ने पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जानकारी जुटाई। आरोपों की पुष्टि के लिए अधिकारियों ने योजनाबद्ध कार्रवाई करने का फैसला किया।

पुलिस ने तैयार किया स्टिंग ऑपरेशन

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने महिला को रंगे हाथ पकड़ने की योजना तैयार की। कथित तौर पर रकम की पहली किस्त देने के लिए एक होटल में मुलाकात तय की गई।

पुलिस टीम आसपास मौजूद रही और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी। योजना के मुताबिक कारोबारी महिला से मिलने पहुंचा।

पुलिस के अनुसार जैसे ही महिला ने कथित रूप से 2.50 लाख रुपये की पहली किस्त ली, टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया।

होटल से महिला गिरफ्तार

महिला की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने रकम और मामले से संबंधित अन्य साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कारोबारी से 20 लाख रुपये की मांग कब शुरू हुई और महिला ने कथित तौर पर किस तरह की धमकियां दी थीं।

इसके साथ ही दोनों के बीच सोशल मीडिया और मोबाइल फोन के जरिए हुई बातचीत की जांच भी की जा सकती है।

मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड अहम

कथित ब्लैकमेलिंग के मामले में डिजिटल साक्ष्य जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकते हैं। पुलिस आरोपी महिला और शिकायतकर्ता के बीच हुई चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की पड़ताल कर सकती है।

इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि पैसे की मांग से जुड़ी बातचीत किस तरह हुई और शिकायतकर्ता को किस प्रकार कथित रूप से धमकाया गया।

पुलिस यह भी जांच सकती है कि रकम मांगने के लिए किसी अन्य व्यक्ति की मदद ली गई थी या महिला अकेले ही पूरी गतिविधि को अंजाम दे रही थी।

अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच

जांच एजेंसी के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। पुलिस महिला के संपर्कों और हालिया गतिविधियों की जांच कर सकती है।

यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

इसके अलावा यह भी पता लगाया जा सकता है कि आरोपी महिला के खिलाफ पहले इस तरह की कोई शिकायत दर्ज हुई थी या नहीं।

अक्टूबर 2025 में शुरू हुई थी पहचान

पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता और महिला की पहचान अक्टूबर 2025 में सोशल मीडिया से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई।

सोशल मीडिया पर हुई यही जान-पहचान बाद में कथित ब्लैकमेलिंग के आरोप तक पहुंच गई। पुलिस पूरे घटनाक्रम की समयरेखा तैयार कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि दोनों की पहली मुलाकात कब हुई और पैसों की मांग कब शुरू हुई।

कारोबारी की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि महिला ने पैसे नहीं देने पर उसे गंभीर आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी थी। इसी कथित धमकी के कारण कारोबारी ने पुलिस से मदद मांगी।

ब्लैकमेलिंग के मामलों में पीड़ित से डर या दबाव के जरिए पैसे या अन्य लाभ हासिल करने का आरोप होता है। ऐसे मामलों में बातचीत के रिकॉर्ड, पैसे के लेनदेन और स्वतंत्र साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस मामले में पुलिस का दावा है कि महिला को रकम की पहली किस्त लेते हुए पकड़ा गया है।

मामले की जांच जारी

गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। महिला से पूछताछ के साथ उसके मोबाइल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा सकती है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित 20 लाख रुपये की मांग के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और क्या पहले कोई रकम दी गई थी।

साथ ही सोशल मीडिया के जरिए हुई बातचीत और होटल में हुई मुलाकात से जुड़े साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।

फिलहाल पूजा रैदास के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। गिरफ्तारी से आरोप अपने आप सिद्ध नहीं होते और मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगा।

पुलिस के अनुसार शिकायत पर कार्रवाई करते हुए महिला को कथित तौर पर 2.50 लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए पकड़ा गया है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।

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